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Gold's Luster Continues: Check Latest 18, 22 and 24 Carat Gold Prices on Feb 20 in Chennai, Mumbai, Delhi, Kolkata, and Other Cities - Viral Page (सोने की चमक बरकरार: 20 फरवरी को चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और अन्य शहरों में जानें 18, 22 और 24 कैरेट सोने का ताजा भाव - Viral Page)

भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि आस्था, समृद्धि और सुरक्षित निवेश का प्रतीक है। हर घर, हर त्योहार और हर बड़े अवसर पर सोने की चमक अनिवार्य रूप से शामिल होती है। ऐसे में सोने की कीमतों पर हर किसी की नजर रहती है, चाहे वह खरीदार हो, निवेशक हो या सिर्फ आर्थिक रुझानों पर नजर रखने वाला आम नागरिक। 20 फरवरी को सोने की कीमतों में क्या हलचल रही? चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता जैसे महानगरों से लेकर अन्य शहरों तक, 18, 22 और 24 कैरेट सोने का ताजा भाव क्या रहा? आइए जानते हैं इस विस्तृत विश्लेषण में।

सोने की कीमतों में आज का ट्रेंड: 20 फरवरी की प्रमुख बातें

20 फरवरी को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के बीच, सोने ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। इस दिन, 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव जहाँ 10 ग्राम के लिए एक स्थिर गति से आगे बढ़ा, वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दामों में भी लगभग उसी अनुपात में बदलाव दर्ज किया गया। यह निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन था, क्योंकि वे बाजार की दिशा को समझने की कोशिश कर रहे थे। नीचे हमने भारत के प्रमुख शहरों में 18, 22 और 24 कैरेट सोने के अनुमानित भाव दिए हैं:

चेन्नई में सोने का भाव

  • 24 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹63,850
  • 22 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹58,550
  • 18 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹47,800

दक्षिण भारत में सोने की खरीदारी हमेशा से एक महत्वपूर्ण परंपरा रही है, खासकर शादियों और त्योहारों के मौसम में। चेन्नई में कीमतों पर वैश्विक बाजार और स्थानीय मांग का सीधा असर देखा जाता है।

मुंबई में सोने का भाव

  • 24 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹63,700
  • 22 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹58,400
  • 18 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹47,700

भारत की आर्थिक राजधानी होने के नाते, मुंबई में सोने का बाजार काफी सक्रिय और संवेदनशील रहता है। यहाँ के भाव अक्सर देश भर के लिए एक बेंचमार्क का काम करते हैं।

दिल्ली में सोने का भाव

  • 24 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹63,800
  • 22 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹58,500
  • 18 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹47,750

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की मांग पूरे साल बनी रहती है। यहाँ के भाव अंतर्राष्ट्रीय रुझानों और घरेलू आपूर्ति-मांग संतुलन से काफी प्रभावित होते हैं।

कोलकाता में सोने का भाव

  • 24 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹63,750
  • 22 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹58,450
  • 18 कैरेट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹47,720

पूर्वी भारत के सबसे बड़े शहर कोलकाता में भी सोने का एक बड़ा बाजार है। बंगाली संस्कृति में सोने का विशेष महत्व है, जिससे यहाँ की कीमतों पर स्थानीय परंपराओं का भी असर दिखता है।

अन्य प्रमुख शहरों में सोने का भाव (अनुमानित)

  • बेंगलुरु: 24K: ₹63,750, 22K: ₹58,450, 18K: ₹47,720
  • हैदराबाद: 24K: ₹63,850, 22K: ₹58,550, 18K: ₹47,800
  • पुणे: 24K: ₹63,700, 22K: ₹58,400, 18K: ₹47,700
  • अहमदाबाद: 24K: ₹63,800, 22K: ₹58,500, 18K: ₹47,750
  • जयपुर: 24K: ₹63,800, 22K: ₹58,500, 18K: ₹47,750

(नोट: ऊपर दिए गए सभी भाव 20 फरवरी के लिए अनुमानित और सांकेतिक हैं। वास्तविक कीमतें बाजार और स्थानीय करों के आधार पर भिन्न हो सकती हैं।)

सोने के आभूषणों से भरी एक चमकदार दुकान की तस्वीर, जिसमें हार, चूड़ियाँ और झुमके करीने से सजे हुए हैं। ग्राहक दुकान में खरीदारी करते दिख रहे हैं।

Photo by Traxer on Unsplash

सोने की कीमतों को समझने के लिए बैकग्राउंड

सोने का भारत के साथ एक गहरा, सदियों पुराना रिश्ता है। यह सिर्फ एक धातु नहीं है; यह एक सांस्कृतिक प्रतीक, एक आर्थिक सुरक्षा कवच और पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होने वाली विरासत है। भारतीय परिवारों में, सोना धन और समृद्धि का प्रदर्शन भी है। यह अक्सर शादियों में दहेज के रूप में, त्योहारों पर उपहार के रूप में और बच्चों के भविष्य के लिए निवेश के रूप में खरीदा जाता है।

ऐतिहासिक रूप से, सोने की कीमतें हमेशा मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितता के खिलाफ एक बचाव के रूप में काम करती रही हैं। जब शेयर बाजार में गिरावट आती है या वैश्विक अर्थव्यवस्था में अशांति होती है, तो निवेशक "सुरक्षित हेवन" के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमतें बढ़ती हैं।

कैरेट का महत्व: सोने की शुद्धता को कैरेट में मापा जाता है।

  • 24 कैरेट सोना: यह 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह सबसे शुद्ध रूप है, लेकिन यह नरम होता है और आसानी से मुड़ सकता है, इसलिए इसे आभूषण बनाने के लिए सीधा उपयोग नहीं किया जाता।
  • 22 कैरेट सोना: इसमें 91.6% सोना होता है और बाकी 8.4% में तांबा, चांदी या जिंक जैसी धातुएं मिली होती हैं ताकि इसे मजबूत बनाया जा सके। आभूषण बनाने के लिए यह सबसे लोकप्रिय विकल्प है।
  • 18 कैरेट सोना: इसमें 75% सोना होता है और बाकी 25% में अन्य धातुएं मिली होती हैं। यह 22 कैरेट से अधिक मजबूत होता है और जटिल डिजाइन वाले आभूषणों के लिए उपयोग किया जाता है। इसकी कीमत 22 और 24 कैरेट से कम होती है।

क्यों हमेशा ट्रेंडिंग में रहता है सोने का भाव?

सोने का भाव लगभग हर दिन समाचारों की सुर्खियों में रहता है और सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड करता है। इसके कई कारण हैं:

  1. आर्थिक अनिश्चितता: जब दुनिया भर में आर्थिक मंदी, युद्ध या महामारी जैसी अनिश्चितताएं बढ़ती हैं, तो सोने को एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। निवेशक अपने धन को सुरक्षित रखने के लिए सोने की ओर दौड़ते हैं, जिससे इसकी मांग और कीमत बढ़ जाती है।
  2. मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव: बढ़ती महंगाई के दौर में, जब कागजी मुद्रा का मूल्य घटता है, तो सोना अपने मूल्य को बनाए रखता है। इसलिए इसे मुद्रास्फीति के खिलाफ एक उत्कृष्ट बचाव के रूप में देखा जाता है।
  3. त्योहार और शादियाँ: भारत में त्योहारों और शादियों के मौसम में सोने की खरीदारी में भारी उछाल आता है। धनतेरस, दिवाली, अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है।
  4. अंतर्राष्ट्रीय कारक: डॉलर की मजबूती या कमजोरी, अंतर्राष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की नीतियां (जैसे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव) और कच्चे तेल की कीमतें भी सोने के वैश्विक भाव को प्रभावित करती हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।
  5. निवेश का आकर्षक विकल्प: सोने ने लंबी अवधि में निवेशकों को लगातार अच्छा रिटर्न दिया है, जिससे यह एक लोकप्रिय निवेश विकल्प बना हुआ है।

आम आदमी और निवेशक पर सोने के उतार-चढ़ाव का असर

सोने की कीमतों में बदलाव का समाज के विभिन्न वर्गों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है:

आम आदमी पर

  • त्योहारों और शादियों की योजना: जिन परिवारों में शादियां होनी होती हैं या जो त्योहारों पर सोना खरीदना चाहते हैं, वे कीमतों पर बारीकी से नजर रखते हैं। दाम कम होने पर वे खरीदारी करते हैं, और बढ़ने पर अपनी योजनाएं बदल सकते हैं।
  • बचत और उपहार: कई भारतीय परिवारों के लिए सोना बचत का एक पारंपरिक तरीका है। सोने के भाव में वृद्धि उनकी बचत में वृद्धि का संकेत देती है।
  • उपभोक्ता खर्च: सोने की ऊंची कीमतें अन्य उपभोक्ता वस्तुओं पर खर्च को प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि लोग अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा सोने पर खर्च करते हैं।

निवेशक पर

  • पोर्टफोलियो विविधीकरण: सोने को इक्विटी और बॉन्ड के साथ पोर्टफोलियो विविधीकरण (diversification) के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण माना जाता है। यह बाजार की अस्थिरता के समय पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।
  • सुरक्षित हेवन एसेट: आर्थिक और राजनीतिक संकट के समय निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश मानते हैं, जो उनके पूंजी को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
  • रिटर्न की उम्मीदें: निवेशक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से लाभ कमाने की उम्मीद करते हैं, खासकर जब अन्य परिसंपत्ति वर्ग अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे होते हैं।

सोने में निवेश: दोनों पक्षों पर एक नज़र

सोने में निवेश हमेशा से एक बहस का विषय रहा है। इसके अपने फायदे और नुकसान हैं:

सोने में निवेश के पक्ष में (Pros)

  • सुरक्षित निवेश: आर्थिक संकट के समय सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।
  • मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव: यह बढ़ती महंगाई से बचाव प्रदान करता है और क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करता है।
  • तरलता (Liquidity): भौतिक सोना आसानी से बेचा जा सकता है और नकदी में परिवर्तित किया जा सकता है।
  • पोर्टफोलियो विविधीकरण: यह आपके निवेश पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करता है और समग्र जोखिम को कम करता है।
  • भौतिक संपत्ति: आपके पास एक मूर्त संपत्ति होती है जिसे आप छू सकते हैं और देख सकते हैं।

सोने में निवेश के विपक्ष में (Cons)

  • सुरक्षा और भंडारण की लागत: भौतिक सोने को सुरक्षित रखने के लिए लॉकर या बीमा की आवश्यकता होती है, जिसमें अतिरिक्त लागत आती है।
  • कोई आय उत्पन्न नहीं: इक्विटी या बॉन्ड के विपरीत, सोना कोई लाभांश (dividend) या ब्याज (interest) उत्पन्न नहीं करता।
  • कीमतों में उतार-चढ़ाव: सोने की कीमतें भी वैश्विक कारकों के कारण अस्थिर हो सकती हैं।
  • मेकिंग चार्ज और GST: आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST का भुगतान करना पड़ता है, जो कुल लागत को बढ़ाता है। बेचने पर यह राशि वापस नहीं मिलती।

सोने में निवेश के आधुनिक विकल्प

आजकल, भौतिक सोने के अलावा, निवेश के कई अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं:

  1. डिजिटल गोल्ड: आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटे-छोटे हिस्सों में सोना खरीद सकते हैं। यह भौतिक सोने की सुरक्षा और भंडारण की चिंता से मुक्त है।
  2. गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Funds): ये म्यूचुअल फंड हैं जो सोने की कीमतों को ट्रैक करते हैं। आप इन्हें शेयर बाजार के माध्यम से खरीद और बेच सकते हैं।
  3. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): सरकार द्वारा जारी किए गए ये बॉन्ड भौतिक सोने का एक उत्कृष्ट विकल्प हैं। इन पर ब्याज मिलता है और परिपक्वता पर कर-मुक्त रिटर्न होता है।

भविष्य की संभावनाएं और विशेषज्ञ राय

सोने की कीमतें लगातार वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य से प्रभावित होती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी सोने की मांग और कीमत में मजबूती बनी रह सकती है, खासकर यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजरती है। केंद्रीय बैंकों की नीतियां, ब्याज दरों का रुख और भू-राजनीतिक तनाव सोने की चाल को निर्धारित करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो का संतुलन बनाए रखने के लिए सोने को एक हिस्सा मानें, लेकिन पूरी तरह से उस पर निर्भर न रहें।

सोने का भारतीय जीवन में महत्व और आर्थिक बाजारों में इसकी भूमिका अविचल है। 20 फरवरी की कीमतें इसी कहानी का एक छोटा सा अध्याय हैं, जो हमें यह याद दिलाती हैं कि सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं, हमारी आकांक्षाओं और हमारी आर्थिक सुरक्षा का एक जीवंत प्रतीक है।

हमें बताएं कि आप सोने की कीमतों के बारे में क्या सोचते हैं! क्या आप सोने में निवेश करते हैं? आपके लिए सोने का क्या महत्व है? नीचे कमेंट सेक्शन में अपने विचार साझा करें। इस जानकारीपूर्ण लेख को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें। ऐसी ही और ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के लिए Viral Page को फॉलो करना न भूलें!

स्रोत: Indian Express (मूल खबर लिंक - हमारा लेख पूरी तरह मूल विश्लेषण है, कोई कॉपीराइट उल्लंघन नहीं।)

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