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Gold Today Rate, February 24: Chennai to Delhi, Every Carat Price – Impact on Your Pocket! - Viral Page (सोने का आज का भाव, 24 फरवरी: चेन्नई से दिल्ली तक, हर कैरट का रेट – आपकी जेब पर असर! - Viral Page)

Gold Today Rate, February 24: Check 18, 22 and 24 carat gold prices Chennai, Mumbai, Delhi, Kolkata and other cities – आज, 24 फरवरी को, भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के भावों ने एक बार फिर से निवेशकों और उपभोक्ताओं, दोनों का ध्यान खींचा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल और घरेलू मांग के समीकरणों के बीच, सोने की कीमतें लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं। यदि आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो विभिन्न शहरों और कैरट के हिसाब से कीमतों को समझना आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

सोने की कीमतों का ताजा हाल: 24 फरवरी के मुख्य अपडेट्स

आज 24 फरवरी को, देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव कुछ इस प्रकार रहे हैं:

  • चेन्नई:
    • 24 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹63,800
    • 22 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹58,480
    • 18 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹47,850
  • मुंबई:
    • 24 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹63,160
    • 22 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹57,900
    • 18 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹47,370
  • दिल्ली:
    • 24 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹63,310
    • 22 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹58,040
    • 18 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹47,480
  • कोलकाता:
    • 24 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹63,160
    • 22 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹57,900
    • 18 कैरट सोना (10 ग्राम): लगभग ₹47,370

अन्य शहरों में भी रही हलचल: बैंगलोर, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद जैसे अन्य प्रमुख शहरों में भी 22 कैरट और 24 कैरट सोने की कीमतों में मामूली अंतर के साथ यही ट्रेंड देखने को मिला है। यह कीमतें GST, मेकिंग चार्ज और अन्य स्थानीय शुल्कों को छोड़कर होती हैं, जो अंतिम खरीद मूल्य में जुड़ते हैं।

सोने का सदियों पुराना रिश्ता: एक पृष्ठभूमि

भारत में सोने का महत्व सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक भी है। सदियों से, सोना भारतीय परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच, विरासत का प्रतीक और निवेश का एक भरोसेमंद साधन रहा है। शादी-ब्याह से लेकर त्योहारों तक, हर शुभ अवसर पर सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है। यह परंपराएं ही भारत को दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक बनाती हैं।

आर्थिक दृष्टिकोण से, सोना हमेशा से ही महंगाई के खिलाफ एक हेज (सुरक्षा) रहा है। जब अर्थव्यवस्था में अस्थिरता आती है, या शेयर बाजार में गिरावट आती है, तो निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं, जिसे 'सेफ हेवन' संपत्ति माना जाता है। यही कारण है कि सोने की कीमतों पर सिर्फ घरेलू कारक ही नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अंतर्राष्ट्रीय तेल की कीमतें भी सीधा प्रभाव डालती हैं।

आज क्यों अहम हैं सोने के दाम? ये है ट्रेंडिंग होने की वजह

फरवरी का महीना भले ही शादियों के पीक सीजन से थोड़ा हटकर हो, लेकिन सोने की कीमतें हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती हैं, और इसके कई कारण हैं:

  1. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: यूक्रेन युद्ध, मध्य-पूर्व में तनाव, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंकाएं लगातार बनी हुई हैं। ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश करते हैं, और सोना उनकी पहली पसंद होता है।
  2. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: पिछले कुछ समय से दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। यह रुझान सोने की वैश्विक मांग को बढ़ावा देता है और कीमतों को सपोर्ट करता है।
  3. अमेरिकी डॉलर का उतार-चढ़ाव: सोने की कीमतें अक्सर अमेरिकी डॉलर के साथ विपरीत संबंध साझा करती हैं। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं।
  4. महंगाई का दबाव: भारत सहित दुनिया के कई देशों में अभी भी महंगाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सोने को महंगाई के खिलाफ एक उत्कृष्ट हेज माना जाता है, इसलिए लोग अपनी बचत को महंगाई से बचाने के लिए सोने में निवेश करते हैं।
  5. आने वाले त्योहार और शादियां: हालांकि फरवरी अभी बीता है, लेकिन आने वाले अक्षय तृतीया, दिवाली और नए शादी के सीज़न के लिए लोग अभी से खरीदारी की योजना बनाना शुरू कर देते हैं। इस अग्रिम खरीदारी की योजना भी कीमतों पर प्रभाव डालती है।

आपकी जेब पर क्या असर? उपभोक्ता और निवेशक दोनों के लिए मायने

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है।

उपभोक्ताओं के लिए:

  • त्योहारों और शादियों की खरीदारी: यदि कीमतें बढ़ती हैं, तो गहनों की खरीदारी महंगी हो जाती है, जिससे बजट पर असर पड़ता है। वहीं, अगर कीमतें गिरती हैं, तो यह खरीदारी का सुनहरा मौका बन जाता है।
  • बचत का जरिया: कई भारतीय परिवारों के लिए सोना सिर्फ गहना नहीं, बल्कि बचत का भी एक जरिया है। कीमतों में वृद्धि उनकी बचत के मूल्य को बढ़ाती है।

निवेशकों के लिए:

  • मुनाफे या नुकसान का सवाल: सोने में निवेश करने वाले (जैसे गोल्ड ईटीएफ, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, या भौतिक सोना) कीमतों में बदलाव से सीधे प्रभावित होते हैं। कीमतें बढ़ने पर मुनाफा होता है, और गिरने पर नुकसान का जोखिम होता है।
  • पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: सोने को पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन (निवेश को विभिन्न परिसंपत्तियों में बांटना) का एक अहम हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यह शेयर बाजार की अस्थिरता से बचाव प्रदान करता है।
Gold coins and bars arranged aesthetically, reflecting light

Photo by Oren Elbaz on Unsplash

आंकड़ों की ज़ुबानी: फरवरी 24 के खास दाम और मायने

आज 24 फरवरी को, 18, 22 और 24 कैरट सोने के दाम हमें बाजार की मौजूदा स्थिति का स्पष्ट चित्र दिखाते हैं। 24 कैरट सोना, जिसे शुद्ध सोना माना जाता है, की कीमतें हमेशा सबसे अधिक होती हैं, जबकि 22 कैरट (आभूषण बनाने में प्रयुक्त) और 18 कैरट (कम शुद्धता वाले आभूषण) की कीमतें तदनुसार कम होती हैं।

यह महत्वपूर्ण है कि आप सोने की शुद्धता के अनुसार उसकी पहचान करें। हॉलमार्क वाले आभूषणों की खरीदारी हमेशा सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि यह शुद्धता की गारंटी देता है। आज के दाम पिछले कुछ दिनों के मुकाबले स्थिरता दिखाते हैं, जो निवेशकों के लिए थोड़ी राहत की बात हो सकती है। लेकिन, ध्यान रहे, अंतरराष्ट्रीय कारकों के चलते ये कीमतें किसी भी समय बदल सकती हैं।

सोना खरीदना सही या गलत? दोनों पक्ष

सोने में निवेश या खरीदारी का निर्णय लेते समय, इसके फायदे और नुकसान दोनों पर विचार करना महत्वपूर्ण है:

सोना खरीदने के फायदे:

  • सुरक्षित निवेश: आर्थिक संकट के समय सोना एक सुरक्षित ठिकाना साबित होता है।
  • महंगाई के खिलाफ सुरक्षा: यह महंगाई के असर को कम करने में मदद करता है।
  • आसानी से तरल: जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से नकद में बदला जा सकता है।
  • सांस्कृतिक महत्व: भारत में इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है।

सोना खरीदने के नुकसान:

  • आय उत्पन्न नहीं करता: शेयरों या बॉन्ड की तरह, सोना आपको लाभांश या ब्याज का भुगतान नहीं करता है।
  • भंडारण की समस्या: भौतिक सोने को सुरक्षित रखने के लिए लॉकर या बीमा की आवश्यकता होती है।
  • मेकिंग चार्ज और GST: आभूषण खरीदने पर मेकिंग चार्ज और GST देना पड़ता है, जिससे उसकी लागत बढ़ जाती है।
  • कीमतों में अस्थिरता: अंतरराष्ट्रीय कारकों के चलते कीमतें तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
A person checking gold prices on a smartphone, with a blurred background of a jewelry store

Photo by Shengnan Gao on Unsplash

सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक

सोने की कीमत केवल मांग और आपूर्ति पर निर्भर नहीं करती, बल्कि कई जटिल वैश्विक और घरेलू कारकों से प्रभावित होती है:

1. वैश्विक आर्थिक कारक:

  • ब्याज दरें: उच्च ब्याज दरें सोने को कम आकर्षक बनाती हैं, क्योंकि बॉन्ड जैसे अन्य निवेश अधिक रिटर्न देते हैं।
  • मुद्रास्फीति (Inflation): उच्च मुद्रास्फीति के दौरान सोने की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि यह धन के मूल्य को बनाए रखने में मदद करता है।
  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर के मजबूत होने पर सोना महंगा हो जाता है, जिससे गैर-डॉलर खरीदारों के लिए इसकी मांग कम हो जाती है।

2. भू-राजनीतिक कारक:

  • युद्ध, व्यापार युद्ध, और राजनीतिक अस्थिरता जैसे वैश्विक तनाव सोने को 'सेफ हेवन' संपत्ति के रूप में इसकी मांग बढ़ाते हैं।

3. मांग और आपूर्ति:

  • खुदाई (Mining) और रीसाइक्लिंग: सोने की आपूर्ति उसके खनन उत्पादन और पुराने सोने की रीसाइक्लिंग पर निर्भर करती है।
  • भारत और चीन की मांग: ये दोनों देश सोने के सबसे बड़े उपभोक्ता हैं, और इनकी मांग वैश्विक कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है।
  • केंद्रीय बैंक की खरीदारी: केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने के भंडार में वृद्धि भी मांग को बढ़ाती है।

4. अंतर्राष्ट्रीय बाजार:

  • कॉमेक्स (COMEX) जैसे अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार में सोने की कीमतें भारतीय बाजार को सीधे प्रभावित करती हैं।

निवेश का सुनहरा मौका या सावधानी की ज़रूरत?

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, सोने में निवेश एक मिश्रित तस्वीर पेश करता है। एक ओर, वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई का दबाव सोने को आकर्षक बनाता है। वहीं, दूसरी ओर, वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि जैसी बातें कीमतों पर दबाव भी डाल सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सोना हमेशा एक अच्छा निवेश रहा है। हालांकि, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए, निवेशकों को सावधानीपूर्वक योजना बनानी चाहिए। अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाना और किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना समझदारी भरा कदम होगा। भौतिक सोने के अलावा, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGBs) या गोल्ड ईटीएफ (ETFs) जैसे डिजिटल विकल्प भी उपलब्ध हैं, जो सुरक्षा और लागत-प्रभावशीलता के मामले में बेहतर हो सकते हैं।

A diverse group of people (young, old) looking at gold jewelry in a display case

Photo by Shengnan Gao on Unsplash

भविष्य की राह: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी सोने की कीमतों में स्थिरता के साथ-साथ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक नीतियों पर बारीक नजर रखनी होगी। दीर्घावधि में, सोने की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि यह हमेशा अनिश्चितता के समय में एक भरोसेमंद परिसंपत्ति रही है। हालांकि, छोटी अवधि में, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और डॉलर की चाल कीमतों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है।

भारत में, आगामी त्योहारों और विवाह सीज़न की मांग भी सोने को समर्थन प्रदान करेगी। कुल मिलाकर, सोना अपनी चमक बरकरार रखेगा, लेकिन समझदारी और जानकारी के साथ ही इसमें निवेश करना सही रणनीति होगी।

A stylized graphic showing an upward trending gold price chart with a positive arrow

Photo by Kanchanara on Unsplash

हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। सोने की कीमतों पर ऐसी ही सटीक और ताज़ा अपडेट्स के लिए Viral Page को फॉलो करते रहें।

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स्रोत: Indian Express (मूल खबर लिंक - हमारा लेख पूरी तरह मूल विश्लेषण है, कोई कॉपीराइट उल्लंघन नहीं।)

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